sstnews18HomeLocal PoliticsUPI चार्जेस पर राहुल गांधी का PM मोदी पर हमला: अमेरिकी दबाव का लगाया आरोप
UPI चार्जेस पर राहुल गांधी का PM मोदी पर हमला: अमेरिकी दबाव का लगाया आरोप

राहुल गांधी के प्रमुख आरोप
- अमेरिकी कंपनियों और ट्रंप का दबाव: राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि अमेरिकी पेमेंट कंपनियां लंबे समय से भारत की शून्य-MDR नीति का विरोध कर रही थीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और वहां के व्यापारिक हितों के सामने “सरेंडर” कर रहे हैं।
- आम जनता की जेब पर असर: राहुल गांधी का कहना है कि भले ही यह चार्ज आधिकारिक रूप से दुकानदारों (मर्चेंट्स) पर लगाया जा रहा है, लेकिन अंततः दुकानदार इसे सामान के दामों में जोड़कर सीधे ग्राहकों की जेब से ही वसूलेंगे।
- बड़ा लेनदेन दायरा: उन्होंने दावा किया कि ₹2,000 से ऊपर के मर्चेंट ट्रांजेक्शन कुल UPI वॉल्यूम का भले 5% हों, लेकिन वैल्यू के हिसाब से यह कुल डिजिटल पेमेंट का लगभग 65% हिस्सा हैं, जिससे एक बड़ा वर्ग प्रभावित होगा।

सरकार और बीजेपी का स्पष्टीकरण
कांग्रेस और विपक्ष के इन दावों को भारतीय जनता पार्टी (BJP) और सरकार ने पूरी तरह से खारिज किया है:
- आम ग्राहकों के लिए UPI पूरी तरह मुफ्त: सरकार ने स्पष्ट किया है कि व्यक्ति से व्यक्ति (P2P) होने वाले UPI लेनदेन पर कोई शुल्क नहीं लगेगा।
- ₹2,000 तक कोई चार्ज नहीं: ₹2,000 तक के सामान्य और छोटे मर्चेंट UPI पेमेंट पूरी तरह शुल्क-मुक्त (Zero-Charge Protection) रहेंगे।
- इकोसिस्टम का रखरखाव: सरकार के अनुसार, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, साइबर सुरक्षा और फ्रॉड रोकथाम के लिए भारी निवेश की आवश्यकता है, जिसे बनाए रखने के लिए केवल बड़े मर्चेंट लेनदेन के लिए कानूनी रूपरेखा तैयार की गई है।








