
EPFO की सौगात: 12 साल बाद PF की बेसिक सैलरी लिमिट बढ़कर ₹25,000 हुई, 51 लाख से अधिक कर्मचारियों को मिलेगा सीधा फायदा
EPFO की सौगात: 12 साल बाद PF की बेसिक सैलरी लिमिट बढ़कर ₹25,000 हुई, 51 लाख से अधिक कर्मचारियों को मिलेगा सीधा फायदा
केंद्रीय कैबिनेट ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के तहत अनिवार्य सामाजिक सुरक्षा दायरे को बढ़ाते हुए बेसिक सैलरी (मंथली वेज सीलिंग) की सीमा को ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 प्रति माह करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
साल 2014 के बाद (पूरे 12 साल बाद) हुआ यह ऐतिहासिक बदलाव देश के संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए पेंशन और पीएफ फंड को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
51 लाख से ज्यादा नए कर्मचारी दायरे में: सैलरी लिमिट ₹10,000 बढ़ने से लगभग 51 लाख से अधिक अतिरिक्त कर्मचारी अनिवार्य रूप से EPF और EPS (कर्मचारी पेंशन योजना) के तहत कवर हो जाएंगे।
पीएफ और पेंशन फंड में बढ़ोतरी:
₹15,000 की लिमिट पर 12% की दर से अधिकतम पीएफ कटौती ₹1,800 होती थी।
नई ₹25,000 की सीलिंग पर 12% का योगदान ₹3,000 होगा। इससे रिटायरमेंट का कुल कॉर्पस (फंड) और पेंशन की राशि (EPS) दोनों काफी बढ़ जाएंगे।
टेक-होम सैलरी और नियोक्ता लागत पर असर: जिनकी बेसिक सैलरी ₹15,000 से ₹25,000 के बीच है, उनका पीएफ योगदान बढ़ने से इन-हैंड (टेक-होम) सैलरी में थोड़ा अंतर आ सकता है, लेकिन long-term में बचत काफी ज्यादा बढ़ेगी।









